बिछड़े मासूमों के लिए पिंक बूथ बना फरिश्ता, अपनों से बिछड़े दो नन्हे चिरागों को मिली मां-बाप की छांव…..

*बिछड़े मासूमों के लिए पिंक बूथ बना फरिश्ता, अपनों से बिछड़े दो नन्हे चिरागों को मिली मां-बाप की छांव*   अपनों से बिछड़ने का दर्द क्या होता है, यह उन माता-पिता से पूछिए जिनके कलेजे के टुकड़े उनकी नज़रों से ओझल हो जाएं। लेकिन ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख थाना

बिछड़े मासूमों के लिए पिंक बूथ बना फरिश्ता, अपनों से बिछड़े दो नन्हे चिरागों को मिली मां-बाप की छांव…..

*बिछड़े मासूमों के लिए पिंक बूथ बना फरिश्ता, अपनों से बिछड़े दो नन्हे चिरागों को मिली मां-बाप की छांव*   अपनों से बिछड़ने का दर्द क्या होता है, यह उन माता-पिता से पूछिए जिनके कलेजे के टुकड़े उनकी नज़रों से ओझल हो जाएं। लेकिन ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख थाना क्षेत्र में पुलिस की तत्परता और ममतामयी पहल ने एक परिवार को बिखरने से बचा लिया। सात साल की सलोनी और दो साल की हिमांशी, जो सड़कों पर लावारिस भटक रही थीं, अब अपने माता-पिता की सुरक्षित पनाह में हैं। शाम का वक्त था, जब गौर सिटी मॉल की भीड़भाड़ के बीच दो नन्हे बच्चे बदहवास और परेशान घूम रहे थे। पिंक बूथ पर तैनात महिला दरोगा की नज़र इन मासूमों पर पड़ी। पुलिसकर्मी ने कर्तव्य के साथ-साथ ममता दिखाते हुए बच्चों को

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