बस्ती के एसएसआई की संदिग्ध मौत, निष्पक्ष जांच की उठी मांग
उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में तैनात एसएसआई अजय कुमार गौड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। किसान नेता सुरजीत सिंह राजपूत ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर 5 फरवरी से लापता चल रहे पुलिस अधिकारी का शव अयोध्या की सरयू नदी में कैसे मिला? क्या यह हादसा है, आत्महत्या या फिर किसी साजिश का हिस्सा?
बस्ती जिले के थाना परशुराम में तैनात एसएसआई अजय कुमार गौड़ 5 फरवरी 2026 से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। परिजनों और विभाग द्वारा तलाश जारी थी, लेकिन कई दिनों तक उनका कोई सुराग नहीं मिला। बाद में अयोध्या स्थित सरयू नदी में उनका शव मिलने की सूचना सामने आई।
शव मिलने के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक तौर पर मौत को संदिग्ध बताया जा रहा है। हालांकि आधिकारिक रूप से मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
इसी बीच किसान नेता सुरजीत सिंह राजपूत ने इस मामले को गंभीर बताते हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने मांग की है कि अजय कुमार गौड़ की मौत की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उनका कहना है कि एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी का इस तरह लापता होना और फिर नदी में शव मिलना कई सवाल खड़े करता है। क्या यह सामान्य घटना है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश? यदि किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। लोग मांग कर रहे हैं कि जांच पारदर्शी हो और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
फिलहाल पुलिस विभाग ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच प्रक्रियाओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है। लेकिन जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक सवाल उठते रहेंगे।
अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या वाकई निष्पक्ष जांच के जरिए अजय कुमार गौड़ की मौत की असली वजह सामने आ पाएगी।








