बरुआसागर में गूंजेगा,अहिंसा, वितरागी,जैनधर्म का जयघोष मुनि श्री अभय सागर जी महाराज का संसंघ भव्य मंगल प्रवेश आज
बरुआसागर (झांसी) दिगंबर जैन अनुयायी परंपरा के प्रभावी प्रणेता आध्यात्मिक संत झुल्लक गणेशप्रसाद वर्णी जी की तपों भूमि के रूप में सुप्रसिद्ध धर्मनगरी बरुआसागर के लिए यह क्षण अत्यंत सौभाग्य,श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास से परिपूर्ण होने जा रहा है। परम पूज्य निर्यापक मुनि श्री अभय सागर जी महाराज अपने पावन मुनि संघ के साथ नगर पधार रहे हैं। उनके साथ मुनि श्री प्रभात सागर जी महाराज,मुनि श्री चंद्र सागर जी महाराज एवं मुनि श्री निरीह सागर जी महाराज का मंगलमय नगर प्रवेश आज रविवार को प्रातःकाल संपन्न होगा।
मुनि संघ के पावन चरण जैसे ही बरुआसागर की धरती पर पड़ेंगे,संपूर्ण नगर आध्यात्मिक चेतना,अहिंसा, संयम और शांति के वातावरण से आलोकित हो उठेगा। यह अवसर न केवल जैन समाज,बल्कि समस्त नगरवासियों के लिए धर्म प्रभावना और आत्मकल्याण का दुर्लभ सौभाग्य प्रदान करेगा।
नगर आगमन के अवसर पर श्रद्धालुजनों द्वारा मुनि संघ की भावपूर्ण अगवानी की जाएगी। भक्ति,श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजित यह मंगल प्रवेश बरुआसागर के धार्मिक व सांस्कृतिक जीवन में एक अविस्मरणीय अध्याय जोड़ेगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए दिगंबर जैन पंचायत समिति बरुआसागर के अध्यक्ष संदीप जैन ने सकल जैन समाज सहित धर्मप्रेमी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पावन अवसर का पुण्य लाभ प्राप्त करें तथा धर्म प्रभावना में सहभागी बने ।
रिपोर्टर विनोद साहू








