काली पट्टी बांधकर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने ऑनलाइन कार्य का किया बहिष्कार
मांगों को लेकर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सेवाएं देते हुए जताया विरोध, 30 सितंबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना
झांसी। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) की लंबित मांगों को लेकर Association of Community Health Officer’s Uttar Pradesh (ACHOUP) के नेतृत्व में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है। आंदोलन के प्रथम चरण में CHO ने काली पट्टी बांधकर ऑनलाइन कार्य का बहिष्कार किया और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर उपस्थित रहकर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
ACHOUP की प्रमुख मांगों में CHO कैडर का निर्माण एवं नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन, PBI को वेतन में मर्ज करना, रिक्त पदों पर स्थानांतरण की व्यवस्था, कैशलेस स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी तथा नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में वेटेज दिए जाने की मांग शामिल है।
संगठन के अनुसार, 29 सितंबर को CHO काली पट्टी बांधकर ऑनलाइन कार्य का बहिष्कार करते हुए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखेंगे। इसके बाद 30 सितंबर से लखनऊ के ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
ACHOUP झांसी जिलाध्यक्ष गगन प्रकाश त्यागी ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि CHO कैडर, सेवा सुरक्षा, उचित वेतन एवं भविष्य से जुड़े अधिकारों के लिए है। संगठन को उम्मीद है कि शासन CHO की मांगों पर सकारात्मक एवं ठोस निर्णय करेगा।
वहीं, जिला महामंत्री ऋषिकेश गोस्वामी ने कहा कि CHO स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उनकी कई प्रमुख मांगें अभी भी लंबित हैं। चरणबद्ध आंदोलन के माध्यम से संगठन अपनी बात शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से शासन तक पहुंचा रहा है। उन्होंने प्रदेश के सभी CHO साथियों से संगठन की एकजुटता बनाए रखते हुए आंदोलन में सहयोग करने की अपील की।
ACHOUP की ओर से प्रदेशभर के सभी CHO साथियों से धरने में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया है। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन CHO के वर्तमान अधिकारों के साथ-साथ उनके भविष्य और सेवा सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर किया जा रहा है।
संगठन ने कहा कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक चरणबद्ध तरीके से आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया है।








