झाँसी मंडल में संविदा कर्मचारियों की एकजुट हुंकार रिपोर्ट मुबीन खान
झाँसी, ललितपुर और जालौन एक मंच पर—काली पट्टी बाँधकर दर्ज कराया सामूहिक विरोध
झाँसी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों के चरणबद्ध आंदोलन को उस समय मजबूती मिली, जब झाँसी मंडल के तीनों जनपदों—झाँसी, ललितपुर एवं जालौन के कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में सामूहिक सांकेतिक विरोध दर्ज कराया।
झाँसी के नटराज होटल में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान तीनों जनपदों के संविदा कर्मचारियों ने काली पट्टी बाँधकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की एकजुट उपस्थिति ने स्पष्ट संदेश दिया कि अपनी लंबित मांगों और अधिकारों को लेकर मंडल के संविदा कर्मचारी एक स्वर में अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
जिला अध्यक्ष शैलेष यादव ने कहा—तीनों जनपदों की एकजुटता हमारी सबसे बड़ी ताकत
इस अवसर पर उ.प्र. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ, जनपद झाँसी के जिला अध्यक्ष शैलेष यादव ने कहा कि आज झाँसी मंडल के तीनों जनपदों झाँसी, ललितपुर और जालौन के कर्मचारियों ने एक साथ काली पट्टी बाँधकर यह संदेश दिया है कि हम अपनी जायज मांगों और अधिकारों के लिए पूरी तरह एकजुट हैं। हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक है, लेकिन हमारी एकजुटता और संकल्प पूरी तरह मजबूत है।
उन्होंने कहा कि काली पट्टी केवल विरोध का प्रतीक नहीं, बल्कि संविदा कर्मचारियों की समस्याओं, अपेक्षाओं और अधिकारों की सामूहिक आवाज है। जब तीनों जनपद एक साथ खड़े होते हैं तो यह संगठन की मजबूती और कर्मचारियों की एकता को दर्शाता है।
उन्होंने मंडल के सभी संविदा कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “एकजुटता बनी रही तो हमारी आवाज निश्चित रूप से और मजबूती के साथ शासन-प्रशासन तक पहुँचेगी।
“तीनों जनपद—एक आवाज, एकजुट कर्मचारी—मजबूत संघर्ष।”
झाँसी मंडल के इस सामूहिक सांकेतिक विरोध ने चरणबद्ध आंदोलन को नई ऊर्जा दी है। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं चरणबद्ध तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।








