आवारा सांडों ने मचाई धमा-चौकड़ी राहगीरों एवं दुकानदारों में दहशत रिपोर्ट मुबीन खान
आवारा सांड आए दिन मचा रहे उत्पात,जिम्मेदार बेपरवाह
गुरसरांय झांसी।नगर में आवारा सांडों की लड़ाई आम लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। आए दिन प्रमुख सड़कों,चौराहों और बाजारों में इन सांडों की भिड़ंत से राहगीर चोटिल हो रहे हैं सड़क पर बैठे जानवरों से हुई दुर्घटना में लोगों को चोटें भी आईं हैं। स्थिति यह हो गई है कि नगर का हर मुख्य मार्ग जैसे अखाड़ा बन गया है,जहां सांडों और बैलों का जमावड़ा देखा जा सकता है।महिलाएं,बच्चे और दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इन पशुओं की आक्रामकता के कारण दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। कई बार ये सांड एक-दूसरे से भिड़ जाते हैं और उनकी लड़ाई की चपेट में आकर लोग घायल हो जाते हैं। वाहनों को भी नुकसान हो रहा है,वहीं पैदल चलने वाले भी सुरक्षित नहीं हैं।नगर के लोग आवारा सांड के उत्पात से परेशान हैं। लोगों के अनुसार सांड आये दिन लोगों पर हमला करता है।आवारा सांड बेलगाम हैं,ये सांड लोगों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।आए दिन आवारा सांड भीड़-भाड़ में घुस जाते हैं।आपस में लड़ते हैं,इससे बाजार में अफरा-तफरी मच जाती है।महिलाएं,बच्चे और बुजुर्ग जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आते हैं। सबसे अधिक परेशानी बच्चों,बुजुर्गों और महिलाओं के लिए बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। यह सांड मुख्य रूप से नगर के गोविंद जी मन्दिर तिराहे,मुहल्ला पटकाना,पुराना बस स्टैंड,मातवाना सहित अन्य व्यस्त इलाकों में लड़ते हुए देखे जा सकते है।लोगों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते आवारा सांड को नहीं पकड़ा गया तो किसी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है। व्यापारियों का कहना है कि छुट्टा साँड़ के कारण उनके प्रतिष्ठानों के सामने कई बार आपस में लड़ने लगते हैं और दुकानों के सामने मौजूद सामान को भी नुकसान पहुंचा देते हैं। लोगों में यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासन,नगर पालिका स्तर की टीमों को मिलकर इन मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अभियान चलाना चाहिए।लोगों ने प्रशासन से सांडों को पकड़ने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। ऐसा प्रतीत होता है कि जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर नहीं है,जिससे इन पशुओं का जमावड़ा निरंतर बढ़ता जा रहा है। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं और आमजन की परेशानी को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि नगरपालिका और संबंधित विभाग इस दिशा में तत्काल ठोस कार्ययोजना बनाएं। नगरवासियों की मांग है कि आवारा सांडों को नियंत्रित करने हेतू ठोस कदम उठाए जाएं।









