पुलिस की नाक के नीचे चल रहा था ‘जिस्मफरोशी का धंधा’, खाकी की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल…

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​मेरठ पुलिस की नाक के नीचे चल रहा था ‘जिस्मफरोशी का धंधा’, खाकी की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल!

 

​मेरठ। थाना रेलवे रोड क्षेत्र के भाटीपुरा देवपुरी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद अब सीधे तौर पर थाना पुलिस और एलआईयू (LIU) की कार्यप्रणाली कठघरे में है। सवाल यह उठ रहा है कि हाजी साहब कब्रिस्तान जैसी घनी आबादी वाले इलाके में महीनों से जिस्मफरोशी का काला कारोबार फल-फूल रहा था, लेकिन क्षेत्रीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी? या फिर खाकी ने ‘सुविधा शुल्क’ के बदले अपनी आँखें मूंद रखी थीं?

 

​सूत्रों की मानें तो इस अनैतिक धंधे से इलाके के लोग लंबे समय से त्रस्त थे। मोहल्ले के लोगों ने कई बार इसकी शिकायत स्थानीय स्तर पर की, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। जब निवासियों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने उच्चाधिकारियों पर दबाव बनाना शुरू किया, तब कहीं जाकर पुलिस को अपनी साख बचाने के लिए छापेमारी की ‘खानापूर्ति’ करनी पड़ी।

 

​इलाके में कौन आ रहा है, कौन जा रहा है और क्या संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं—यह रिपोर्ट करना एलआईयू (LIU) और बीट कांस्टेबल की जिम्मेदारी होती है। आरोपी इरशाद पठान ने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे, क्या पुलिस को कभी यह नहीं लगा कि एक साधारण मकान में इतनी सुरक्षा की क्या जरूरत है? दलाल खुलेआम मोबाइल पर फोटो दिखाकर सौदेबाजी कर रहे थे, तो क्या पुलिस का सूचना तंत्र पूरी तरह फेल हो चुका था? क्या बिना स्थानीय पुलिस के संरक्षण के इतने बड़े पैमाने पर धंधा चलना मुमकिन है? ​दबिश के दौरान मुख्य आरोपी का भागना भी संदेह के घेरे में ​हैरानी की बात यह है कि पुलिस की इतनी बड़ी दबिश के बावजूद मुख्य सरगना इरशाद पठान और दलाल पिछले दरवाजे से भाग निकले। चर्चा आम है कि क्या आरोपियों को पहले ही ‘टिप’ दे दी गई थी?

 

​हालांकि सीओ कैंट नवीना शुक्ला ने मौके से 7 महिलाओं और 2 ग्राहकों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की बात कही है, लेकिन जनता के बीच यह सवाल गूंज रहा है कि अगर स्थानीय लोग मोर्चा न खोलते, तो क्या यह पाप का अड्डा आज भी यूँ ही चलता रहता? पुलिस की इस ‘देर आयद’ कार्रवाई ने उनकी सक्रियता पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। ​अब देखना यह होगा कि क्या केवल छोटी मछलियों पर कार्रवाई होगी या उन ‘खाकीधारियों’ पर भी गाज गिरेगी जिनकी नाक के नीचे यह अवैध धंधा फल-फूल रहा था।

 

सीओ नवीना शुक्ला ने कहा कि गिरफ्तार महिलाओं और पुरुषों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। ​”क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

 

News 30 Express
Author: News 30 Express

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