संविदा कर्मचारियों का फूटा गुस्सा:
वेतन, हटाए जाने और बढ़ते काम के दबाव पर आर-पार की लड़ाई के संकेत रिपोर्ट मुबीन खान
मांगें पूरी न होने पर राज्यव्यापी कार्यबहिष्कार की चेतावनी,रणनीति तय करने को हुई अहम बैठक
झांसी गरौठा।तहसील गरौठा क्षेत्रांतर्गत उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के निविदा/संविदा कर्मचारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। लंबे समय से वेतन में अनियमितता, बिना कारण कर्मचारियों को पद से हटाए जाने और लगातार बढ़ते अतिरिक्त कार्यभार से परेशान कर्मचारियों ने अब आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
इन्हीं गंभीर मुद्दों को लेकर उ.प्र. पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया। बैठक में कर्मचारियों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए आरोप लगाया कि उनसे नियमित कर्मचारियों के बराबर काम लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं और वेतन दोनों ही बेहद कम हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि कई जगहों पर बिना नोटिस और बिना ठोस कारण के कर्मचारियों को काम से हटा दिया जाता है, जिससे उनके परिवारों पर आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। इसके अलावा, सीमित स्टाफ के बावजूद अतिरिक्त कार्यभार डालकर कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है।
बैठक में संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री और जिलाध्यक्ष ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो प्रदेश स्तर पर कार्यबहिष्कार कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए।
संघ ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि संविदा कर्मचारियों के वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, मनमाने तरीके से हटाए जाने पर रोक लगे और कार्यभार को संतुलित किया जाए।
बैठक के अंत में यह स्पष्ट कर दिया गया कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो आने वाले समय में बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।








