स्टोरी मेरठ – खाकी का ‘ऑडियो कांड’: सीओ सौम्या अस्थाना ने लगाई मीडिया की एंट्री पर रोक, पुलिसकर्मियों को दी कार्रवाई की धमकी।
सीओ सौम्या ने तुगलकी फरमान जारी करते हुए मीडिया की एंट्री पर लगाई रोक, पुलिसकर्मियों को दी कार्रवाई की धमकी..
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस और मीडिया के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। ब्रह्मपुरी क्षेत्र की क्षेत्राधिकारी (CO) सौम्या अस्थाना का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पत्रकार जगत में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस ऑडियो में सीओ ने अपने अधीनस्थ थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी पत्रकार थाने के भीतर न्यूज कवरेज नहीं करेगा।
बता दें वायरल ऑडियो के अनुसार, सीओ ब्रह्मपुरी ने अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले थानों को सख्त लहजे में ‘तुगलकी फरमान’ सुनाया है। आदेश के अनुसार थानों के अंदर किसी भी तरह की मीडिया कवरेज या वीडियो बनाने पर पाबंदी लगा दी गई हैं। सीओ वायरल ऑडियो में कह रही है की यदि कोई पत्रकार थाने के भीतर कवरेज करता पाया गया, तो उस समय के ड्यूटी इंचार्ज के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।यही नहीं सीओ ने आदेश में यह भी कहा है कि यदि कोई पत्रकार थाने के अंदर कवरेज करने की ‘जुर्रत’ करता है, तो उस पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जाए।
इस फरमान के बाद मेरठ के पत्रकारों में प्रशासन के प्रति गहरा गुस्सा है। पत्रकारों का कहना है कि थानों में होने वाली गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए इस तरह के तानाशाही आदेश जारी किए जा रहे हैं। यदि पुलिस का कार्य पारदर्शी है, तो मीडिया की उपस्थिति से डर कैसा? ”यह आदेश न केवल प्रेस की स्वतंत्रता का हनन है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।”
फिलहाल, इस वायरल ऑडियो को लेकर एसएसपी अविनाश पांडे की ओर से स्पष्टीकरण सामने आया है कि सीओ के कहने का तात्पर्य यह नहीं था वह सिर्फ पोर्टल पर पाबंदी लगाने की बात कह रही थी प्रिंट मीडिया पर थाने के अंदर कोई पाबंदी नहीं है ।
अब सीओ की इस वायरल ऑडियो में यह देखना होगा कि क्या इस ‘तुगलकी फरमान’ पर रोक पत्रकारों के थाने में प्रवेश पर रोक लगती है या पुलिस प्रशासन अपनी इस जिद पर अड़ा रहता है।









