*सीतापुर पकड़े गए जीएसटी के ‘मास्टरमाइंड’, 1200 फर्जी फर्में बना लगाया करोड़ों का चूना*
सीतापुर नौकरी का झांसा देकर हड़पते थे दस्तावेज, फिर शुरू होता था टैक्स चोरी का काला खेल सीतापुर पुलिस और सर्विलांस टीम का बड़ा धमाका, आगरा और उत्तराखंड के 4 शातिर जालसाज गिरफ्तार सीतापुर पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी फर्में बनाकर जीएसटी चोरी के जरिए सरकार की जड़ों में मट्ठा डाल रहा था। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देशन में कोतवाली नगर पुलिस और सर्विलांस/स्वाट की संयुक्त टीम ने आरएमपी स्कूल के पास से चार शातिर अभियुक्तों को दबोचा है। इनके पास से 2.30 लाख रुपये नकद, बिना नंबर की चमचमाती महिंद्रा गाड़ी, भारी मात्रा में सिम कार्ड, एटीएम और कीमती जेवरात बरामद हुए हैं।
*1200 से अधिक बोगस फर्मों का खुलासा*
पकड़े गए अभियुक्तों में आगरा के सोना उर्फ आशीष, कुलदीप सिंह, विवेक कुमार और उत्तराखंड का सूरज रावत शामिल है। पूछताछ में जो सच सामने आया, उसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। गिरोह ने उत्तर प्रदेश सहित तमिलनाडु, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में 1000 से अधिक फर्जी फर्में बनाकर करोड़ों रुपये की आईटीसी चोरी की है। अब तक की जांच में 1200 से अधिक ऐसी बोगस फर्मों की जानकारी मिली है, जिनके माध्यम से यह गिरोह केवल कागजों पर खरीद-फरोख्त दिखाकर सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचा रहा था।
*मासूमों को शिकार बनाकर तैयार करते थे कागजी साम्राज्य*
इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिराना था। ये लोग भोले-भाले युवाओं को नौकरी लगवाने का लालच देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज हासिल कर लेते थे। इसके बाद उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्में पंजीकृत कराई जाती थीं। सीतापुर में भी इन्होंने पूजा सिंह के नाम पर पी.एस. ट्रेडर्स नामक फर्जी फर्म बनाकर लाखों रुपये डकारे। गिरोह का सरगना सोना उर्फ आशीष पूरी योजना को अंजाम देता था और अवैध कमाई को आपस में बांट लिया जाता था।पुलिस टीम ने अभियुक्तों के कब्जे से 23 सिम कार्ड, 70 रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, 8 मोबाइल फोन, 6 एटीएम, चेकबुक, पासबुक और सोने की चेन व अंगूठियां बरामद की हैं। एएसपी उत्तरी आलोक सिंह और एएसपी अपराध विनायक भोसले के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने अपराधियों में हड़कंप मचा दिया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और अन्य जनपदों में किए गए अपराधों की कुंडली खंगाल रही है।








