मिशन शक्ति का दम! सड़कों पर उतरीं महिला कैडेट्स और पुलिसकर्मी, संभाली यातायात की कमान…

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EDIT BY – DHIRENDRA RAIKWAR 

मिशन शक्ति का दम! सड़कों पर उतरीं महिला कैडेट्स और पुलिसकर्मी, संभाली यातायात की कमान

 

उत्तर प्रदेश के झांसी में मिशन शक्ति अभियान के तीसरे दिन महिला सशक्तिकरण की एक अलग तस्वीर देखने को मिली। जिन सड़कों और चौराहों पर आमतौर पर यातायात पुलिस के जवान व्यवस्था संभालते नजर आते हैं, उन्हीं चौराहों पर एनसीसी की महिला कैडेट्स और महिला पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभालकर लोगों को सुरक्षा और यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया। करीब 100 महिला कैडेट्स और महिला पुलिसकर्मियों ने संयुक्त रूप से यातायात व्यवस्था संभालते हुए यह संदेश दिया कि महिलाएं केवल अपनी सुरक्षा की हकदार ही नहीं, बल्कि व्यवस्था संभालने में भी पूरी तरह सक्षम हैं। मिशन शक्ति का मकसद भी यही है—महिलाओं में आत्मविश्वास जगाना और समाज की सोच को बदलना।

 

दरअसल, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर शारदीय नवरात्रि के अवसर पर महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए मिशन शक्ति फेज-05 अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 13 अक्टूबर 2026 को अभियान के तीसरे दिन झांसी यातायात पुलिस ने महिला सशक्तिकरण और सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया।

इस दौरान झांसी के प्रमुख और व्यस्त चौराहों—इलाइट चौराहा, चित्रा चौराहा, जीवन शाह तिराहा, कचहरी चौराहा और जेल चौराहा सहित अन्य स्थानों पर लगभग 100 एनसीसी महिला कैडेट्स और महिला पुलिसकर्मियों ने यातायात संचालन की जिम्मेदारी संभाली।

मैदान में उतरने से पहले क्षेत्राधिकारी यातायात मुकेश कुमार सिंह और यातायात प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह ने महिला कैडेट्स को यातायात संकेतों, सड़क सुरक्षा और सुरक्षित यातायात प्रबंधन के जरूरी तौर-तरीकों की जानकारी दी। प्रशिक्षण के बाद कैडेट्स ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ चौराहों पर यातायात नियंत्रित किया।

इस दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने के लिए जागरूक किया गया।

लेकिन सवाल सिर्फ एक दिन चौराहों पर यातायात संभालने का नहीं, बल्कि उस सोच को बदलने का है, जो आज भी महिलाओं की क्षमताओं पर सवाल उठाती है। मिशन शक्ति का संदेश साफ है—महिलाओं को अवसर और प्रशिक्षण मिले, तो वे सुरक्षा से लेकर नेतृत्व तक हर जिम्मेदारी निभा सकती हैं। अब जरूरत है कि यह जागरूकता केवल अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि हर दिन महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और समान अधिकारों में दिखाई दे।

News 30 Express
Author: News 30 Express

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