कुत्ते की तरह भौंकी फिर करने लगी अजीबोगरीब हरकत, जरा सी लापरवाही से मासूम छात्रा हुई रैबीज का शिकार, दर्दनाक मौत….

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कुत्ते की तरह भौंकी फिर करने लगी अजीबोगरीब हरकत, जरा सी लापरवाही से मासूम छात्रा हुई रैबीज का शिकार, दर्दनाक मौत….

 

अमरोहा मे एक पागल गीदड़ ने फीमेल पालतू कुत्ते को काट दिया। जिससे कुत्ता रैबीज पीड़ित हो गया। पागल होकर उसकी मृत्यु हो गई लेकिन, मजदूर योगेश कुमार का परिवार उसके पागलपन की वजह नहीं जान पाया। पीड़ित के बावजूद मजदूर वह अपने बच्चे को दूध पिलाती रही।

उसकी मौत के बाद मजदूर ढाई माह के बच्चे को पालता रहा लेकिन, वह भी रैबीज संक्रमित हो गया। उसने मजदूर की आठ वर्षीय बेटी महक को हमला कर जख्मी कर दिया। लेकिन, अधिक घाव नहीं होने की वजह से स्वजन उसको सामान्य हमला समझा।

बेटी को एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाने की बजाय घरेलू उपचार किया। लोगों के कहने पर नौ दिन बाद उसको एक वैक्सीन लगवाई लेकिन, अब दूसरी लगाई जानी थी। इससे पहले ही बेटी कुत्ते की तरह भौंकने लगी। पागलों की तरह हरकतें करने लगी। यह नजारा देखते ही मजदूर व उसके परिवार वालों के होश उड़ गए। बेटी को तुरंत उपचार के लिए मुरादाबाद ले गए।

गंगेश्वरी गांव निवासी योगेश का घर बाहरी छोर पर है। उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से एक फीमेल कुत्ता पाल रखा था। जिसे चार सितंबर को जंगल से आए पागल गीदड़ ने काट लिया था। 10-12 दिन के बाद पागल होकर उसकी मौत हो गई थी।कुत्ते ने अपने पीछे ढाई माह के बच्चे को छोड़ा था। वह बच्चा अपनी मां का दूध पीता था। मां की मौत के बाद गृहस्वामी ने कुत्ते के बच्चे की देखरेख शुरू कर दी। उन्हें इस बात का एहसास नहीं हुआ कि रैबीज होने से उसकी मां की मृत्यु हुई है। दिन भर गृहस्वामी के बच्चे उसके के साथ अठखेलियां करते रहते थे।20 सितंबर को कुत्ते के बच्चे ने कक्षा तीन की छात्रा को काट लिया था। अधिक घाव नहीं होने की वजह से स्वजन कुत्ते के काटने की बात को हल्के में ले गए। आसपड़ोस के लोगों के कहने पर नौ दिन बाद 29 सितंबर को रहरा सीएचसी पहुंचकर बेटी के एंटी रैबीज का पहला इंजेक्शन लगवाया।इसके बाद दूसरा इंजेक्शन लगवाने से पहले ही शनिवार की रात 11 बजे महक की हालत बिगड़ गई। वह कुत्ते की तरह भौंकने लगी और पागल जैसी हरकतें करने लगी।

स्थानीय डाक्टरों ने उसे रैबीज संक्रमित होना बताया। सुनते ही स्वजन के होश फाख्ता हो गए। आनन फानन में इलाज के लिए मुरादाबाद ले गए हैं। इलाज के दौरान आज उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

अमरोहा में 14 महीने में रैबीज होने की पांचवीं घटना‌

हसनपुर तहसील क्षेत्र में कुत्तों के काटने से यूं तो पिछले पांच वर्ष में कई बच्चों समेत 15 लोगों की जान जा चुकी है। लेकिन, रैबीज होने की यह पांचवीं घटना है।क्षेत्र के गांव लठीरा माफी निवासी मनीराम सिंह के 13 वर्षीय बेटे बालकिशन की दो जुलाई 25, इसी गांव के 60 वर्षीय बाबूराम की तीन जुलाई 26, बावली निवासी अजब सिंह की 11 वर्षीय बेटी नित्या की मई 26, तथा 70 वर्षीय गंगादेई की सात सितंबर 2026 को कुत्ते के काटने के बाद रेबीज होने से मौत हो गई थी।

लोग इन घटनाओं को अभी भूल भी नहीं पाए थे कि गंगेश्वरी में योगेश की बेटी महक को रैबीज हो गया है। हालांकि बच्ची का मुरादाबाद में इलाज के दौरान उसकी दर्दनाक मौत हो गई

 

News 30 Express
Author: News 30 Express

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