*खेत में दवा का छिड़काव करते समय बिजली के तार की चपेट में आया किसान, मौत*
*पत्नी के शोर मचाने पर पहुंचे ग्रामीणों ने हटाया तार; परिजनों की तहरीर पर पड़ोसी और उसके दो भाइयों पर लापरवाही का केस*
बरुआसागर। थाना क्षेत्र के ग्राम सारोल में खेत में मूंगफली की फसल पर दवा का छिड़काव करते समय बिजली के तार की चपेट में आने से 35 वर्षीय किसान अजय पाल की मौत हो गई। पत्नी के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बिजली के तार को हटाया, लेकिन तब तक किसान की मौत हो चुकी थी। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने पड़ोसी समेत तीन लोगों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, सारोल गांव निवासी अजय पाल पुत्र गोपी पाल खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। रविवार शाम करीब 4 बजे अजय पाल अपनी पत्नी कमला पाल के साथ खेत पर गए थे। अजय मूंगफली की फसल में दवा का छिड़काव कर रहे थे, जबकि उनकी पत्नी करीब 100 मीटर दूर काम कर रही थीं। इसी दौरान अजय खेत से होकर गुजर रहे बिजली के तार की चपेट में आ गए। करंट लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े।
पति को करंट लगने की जानकारी होने पर पत्नी कमला ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर बिजली के तार को हटाया और अजय को मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक के भतीजे विनोद पाल ने आरोप लगाया कि पड़ोसी राजेंद्र कुशवाहा और उसके दो भाई रामेश्वर व पप्पू ने अपने खेत तक बिजली पहुंचाने के लिए ट्रांसफार्मर से तार डाल रखा था। यह तार अजय पाल के खेत से होकर गुजर रहा था। परिजनों का आरोप है कि कई बार तार हटाने या उसे ऊंचा करने के लिए कहने के बावजूद आरोपियों ने ध्यान नहीं दिया। इसी लापरवाही के चलते हादसा हुआ।
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
अजय पाल के परिवार में पत्नी कमला पाल के अलावा 14 वर्षीय बेटी काजल और 10 वर्षीय बेटा पीयूष है। दोनों बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। किसान की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है।
बरुआसागर थाना प्रभारी प्रकाश सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया है। मामले की जांच की जा रही है।








