हादसे की राख से उठकर सफलता की उड़ान, मैनपुरी का बेटा बना मिसाल, ट्रेन हादसा झेला, यूपीएससी में दो बार रैंक हासिल
IAS सूरज तिवारी का मैनपुरी में स्वागत
मैनपुरी। जिले के कुरावली क्षेत्र के रहने वाले सूरज तिवारी अपने गृह जनपद पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत और सम्मान किया गया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपने संघर्ष, हादसे और सफलता की पूरी कहानी साझा की। उनकी बातों ने वहां मौजूद युवाओं में नई ऊर्जा और प्रेरणा भर दी।
सूरज तिवारी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2022 में यूपीएससी परीक्षा दी थी, जिसका परिणाम 2023 में घोषित हुआ, जिसमें उनकी 970 रैंक आई। इस रैंक के आधार पर उनका चयन इंडियन इनफॉरमेशन सर्विस (IIS) में हुआ। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा यूपीएससी की परीक्षा दी, जिसमें इस बार 943 रैंक हासिल की।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में वह लखनऊ में आकाशवाणी में असिस्टेंट डायरेक्टर न्यूज के पद पर कार्यरत हैं। सूरज तिवारी ने कहा कि वह मैनपुरी के ही बेटे हैं, यहीं जन्म लिया और यहीं बचपन बीता। कुरावली से मैनपुरी तक उनका रोज आना-जाना रहता था, जिससे वह जिले की हर गतिविधि से भली-भांति परिचित हैं।
अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए उन्होंने बताया कि 29 जनवरी 2017 को एक ट्रेन हादसे में उन्होंने अपने दोनों पैर, दाहिना हाथ और उसी हाथ की दो उंगलियां खो दीं। यह उनके लिए शारीरिक रूप से बहुत बड़ा झटका था। हादसे के महज 6 महीने बाद उनके बड़े भाई की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, जिससे उन्हें मानसिक आघात भी झेलना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह समय बेहद कठिन था, लेकिन धीरे-धीरे समय के साथ घाव भरते हैं।
सूरज तिवारी ने कहा कि उनके समय में शिक्षा को लेकर इतनी जागरूकता नहीं थी, लेकिन अब लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि बड़े सपने देखना जरूरी है, क्योंकि जितना बड़ा सपना होगा, उसे पाने की चाह भी उतनी ही मजबूत होगी।
उन्होंने खुद को खुशकिस्मत बताते हुए कहा कि मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कामयाबी की कोई सीमा नहीं होती, आसमान जितना ऊंचा है, उतना ही ऊंचा उड़ने का प्रयास करना चाहिए।








