एंकर = मेरठ से इंसानियत और भाईचारे की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल पेश कर दी। रमजान के पाक महीने में मुस्लिम समाज के लोगों ने 80 वर्षीय हिंदू बुजुर्ग सूरज प्रकाश की अंतिम यात्रा में कंधा देकर उन्हें श्मशान घाट तक पहुंचाया और पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए। इंसानियत की यह खूबसूरत मिसाल अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
मेरठ में धर्म से ऊपर उठकर इंसानियत की मिसाल देखने को मिली। यहां 80 वर्षीय हिंदू बुजुर्ग सूरज प्रकाश के निधन के बाद जब उनकी अंतिम यात्रा निकली, तो इलाके के मुस्लिम भाइयों ने आगे बढ़कर उन्हें कंधा दिया।
रमजान के पाक महीने में रोजा रखने वाले मुस्लिम समाज के लोगों ने बुजुर्ग को पूरे सम्मान के साथ श्मशान घाट तक पहुंचाया।
यही नहीं, अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान भी वे साथ खड़े रहे और परिवार का हौसला बढ़ाया।
इंसानियत और भाईचारे की यह तस्वीर जो आप देख रहे है ये कोतवाली थाना क्षेत्र के शाहपीर गेट की है,अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इसे मेरठ की गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बताते हुए जमकर तारीफ कर रहे हैं।
मेरठ में सामने आई यह तस्वीर बताती है कि इंसानियत का रिश्ता किसी धर्म या मजहब से छोटा नहीं होता। रमजान के पाक महीने में मुस्लिम भाइयों द्वारा हिंदू बुजुर्ग की अंतिम यात्रा में कंधा देना गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी भाईचारे की एक ऐसी मिसाल बन गया है, जिसकी हर कोई सराहना कर रहा है।









