सत्य उजागर करने वाले पत्रकारों पर झूठा मुकदमा, संगठन में रोष
नेशनल पत्रकार एसोसिएशन ने बताया—पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सीधा हमला
(झांसी)नेशनल पत्रकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिनंदन जैन के नेतृत्व में पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी से मिला और ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जानकारी दी।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि संगठन के पदाधिकारी धीरेन्द्र रायकवार एवं इकबाल अहमद द्वारा साक्ष्यों और प्रशासनिक कार्यवाहियों के आधार पर एक सॉल्वर गैंग तथा अपराधियों को संरक्षण देने वाले व्यक्तियों का समाचार के माध्यम से खुलासा किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस खुलासे से बौखलाए कुछ लोगों ने राजनीतिक द्वेष और व्यक्तिगत दुर्भावना के चलते दोनों पत्रकारों के विरुद्ध झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। संगठन के अनुसार यह न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर प्रहार है, बल्कि सत्य को दबाने का प्रयास भी है।
इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि किसी भी निर्दोष पत्रकार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
संगठन ने मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की और चेतावनी दी कि यदि पत्रकारों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
नेशनल पत्रकार एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्षा राजेश्वरी रचना, महिला जिलाध्यक्ष प्रज्ञा राजपूत, जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह गौर, शैलेश सोनू शिवहरे, राकेश सेन, जाहिद मंसूरी, शेख मुख्तार, भोलू कुरैशी, अमित सेन, यश जैन, उमेश भार्गव, राजेंद्र बुंदेला, नासिर हुसैन, दिलीप कुमार, मनीष यादव रिंकू, बृजेश यादव, अनिल कुमार, ऋषभ, आर.के. सेन ,आजम खान,शशिकांत तिवारी,महेंद्र रायकवार,बलराम, मुबीन खान पटेल,राजकुमार तिवारी,मुकेश पाठक,सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।








